चार दिन से जारी बारिश से जिले की सड़कें जलमग्न, खेत बर्बाद और घरों में भरा पानी
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के बेगमगंज, उदयपुरा और सिलवानी क्षेत्रों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। सड़कों पर पानी का सैलाब है, खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं और घरों में पानी घुस गया है। वहीं, स्कूल से लौट रहे एक छात्र की जान उस समय खतरे में पड़ गई जब वह तेज बहाव वाले पानी में फंस गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाकर उसकी जान बचा ली। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
घटना रायसेन जिले के गणेश मंदिर रोड की है, जहां एक स्कूली छात्र बारिश के बाद भरे तेज बहाव वाले पानी में फंस गया। स्कूल से घर लौटते वक्त वह बच्चे जैसे ही पानी में चला, तेज बहाव उसे बहा ले जाने लगा। वहां मौजूद मंदिर के पास खड़े लोगों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए दौड़ पड़े। उन्होंने बड़ी बहादुरी और सावधानी से छात्र को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। हालांकि इस घटना में छात्र की रेनकोट पानी के साथ बह गई, जिसे बाद में लोगों ने थोड़ी दूरी पर जाकर निकाला।
उधर, पील पहाड़ी और बेलखेड़ी गांव के बीच स्थित एक तालाब में भारी बारिश के कारण पानी का स्तर बढ़ गया। इसके चलते आसपास के खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गईं। साथ ही गांव के कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बेगमगंज कस्बे की सड़कों पर लगभग डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा हुआ है, जिससे वाहनों और राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन घटनाओं के बाद स्कूलों ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे छोटे बच्चों को बारिश के दिनों में खुद स्कूल छोड़ने और लाने की जिम्मेदारी लें। किसी भी बच्चे को अकेले घर से स्कूल या स्कूल से घर न भेजें। थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकती है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
स्थानीय प्रशासन ने भी जलभराव वाले क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और नागरिकों से आग्रह किया है कि अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।